आज का पंचांग
आपके शहर के लिए दिन की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, चंद्र व सूर्य राशि सहित — वास्तविक खगोलीय गणना पर आधारित।
आज की तिथि (11 सितंबर 2026): Prathama, Shukla · नक्षत्र: Purva Phalguni · योग: Sadhya · करण: Kimstughna (New Delhi, India)
Today's Panchang · New Delhi, India
Friday, 11 September 2026✅ Shubh muhurat
⚠️ Avoid these windows
Sunrise, sunset and the muhurat windows are computed for the selected place and date (solar position ±1–2 min). Rahu Kaal, Yamaganda and Gulika are the classical eighth-part windows of the day; Abhijit is the midday muhurat, auspicious for starting important work.
पंचांग के अनुसार कुछ योजना बना रहे हैं?
अपनी कुंडली से सही मुहूर्त और समय के लिए ज्योतिष गुरु से पूछिए — निजी लाइव सत्र — प्रति-मिनट भुगतान, जब चाहें रोकें।
🪔 गणेश चतुर्थी विशेष — ज्योतिष गुरु त्योहार की प्रति-मिनट क़ीमत पर · जब चाहें रोकें
अपना सत्र शुरू करेंमित्रों को बुलाइए — उन्हें पहले रिचार्ज पर बोनस वॉलेट बैलेंस, और उनके परामर्श पर ख़र्च करते ही आपको ₹20 नक़द। रेफ़र करें और कमाएँ
शहर के अनुसार पंचांग
सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल और मुहूर्त स्थानीय होते हैं — अपने शहर का पेज खोलें:
किसी त्योहार की योजना बना रहे हैं? त्योहार कैलेंडर देखें →
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पंचांग क्या है?
पंचांग किसी दिन के वैदिक पंचांग के पाँच अंग हैं: वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण। मिलकर ये दिन का स्वरूप बताते हैं।
क्या यह पंचांग स्थान-विशेष है?
जी हाँ — अपना शहर चुनिए और हम उस स्थान के लिए दिन का पंचांग वास्तविक खगोलीय गणना से सायडेरियल पद्धति में निकालते हैं।
राहु काल क्या है और क्या इससे बचना चाहिए?
राहु काल हर दिन की लगभग डेढ़ घंटे की अवधि है (समय वार और आपके शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर करता है), जिसे परंपरा नए कार्य शुरू करने — सौदे, यात्रा, संस्कार — के लिए अशुभ मानती है। पहले से चल रहे काम पर असर नहीं माना जाता। हमारा कैलकुलेटर आपके शहर के लिए सटीक समय दिखाता है, साथ में यमगण्ड और गुलिक काल भी।
अभिजीत मुहूर्त क्या है?
अभिजीत दिनमान का बीच का 1/15वाँ भाग है — स्थानीय दोपहर के आस-पास लगभग 20–25 मिनट — और जब कोई विशेष मुहूर्त न निकाला गया हो, तब लगभग हर शुभ कार्य के लिए अच्छा माना जाता है। परंपरा से बुधवार को यह नहीं लिया जाता; कैलकुलेटर यह अपने-आप ध्यान रखता है।
क्या मैं किसी बीते या आने वाले दिन का पंचांग देख सकता/सकती हूँ?
जी हाँ — 1900 से 2100 के बीच कोई भी तिथि और कोई भी शहर चुनिए; उस दिन-स्थान का पूरा पंचांग (तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त और मुहूर्त) तुरंत निकलता है।
कौन-सी तिथियाँ शुभ मानी जाती हैं?
यह कार्य पर निर्भर है: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी और त्रयोदशी व्यापक रूप से शुभ (सिद्धा) तिथियाँ हैं; चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी (रिक्ता तिथियाँ) नए आरंभ के लिए टाली जाती हैं; अमावस्या पितृ-कार्य के लिए है। किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए तिथि को वार, नक्षत्र और आपकी अपनी कुंडली के साथ मिलाकर देखा जाता है — यही मुहूर्त परामर्श करता है।