Kundli.me · पर्व
होलिका की अग्नि के बाद रंग — वसंत का महापर्व।
कब है?
मंगलवार
158 दिन बाकी
तिथि पंचांग से तय होती है; किसी तिथि के घटने-बढ़ने से कुछ स्थानों पर पर्व एक दिन आगे-पीछे मनाया जा सकता है।
क्यों मनाते हैं
हिरण्यकशिपु के पास ऐसा वरदान था जो उसे लगभग अवध्य करता था, और ऐसा पुत्र था जो नारायण कहना नहीं छोड़ता था। धमकियाँ विफल, हाथी विफल, विष विफल। तब राजा की बहन होलिका — जिसके अपने वरदान से अग्नि उसका कुछ नहीं बिगाड़ती थी — बालक को गोद में लेकर चिता पर बैठी।
मुख्य अनुष्ठान
अक्सर पूछा जाता है
होलिका दहन का भद्रा-नियम क्या है?
दहन पूर्णिमा के प्रदोष (सूर्यास्त-पश्चात) काल में होता है, भद्रा करण को टालकर — जिसे शास्त्र अग्नि-कर्मों के लिए वर्जित कहते हैं। भद्रा का समय नगर और वर्ष से बदलता है — लाइव पंचांग आपकी अवधि गणित करता है; कोई छपा समय हर नगर पर नहीं बैठता।
होली
Kundli.me
दहन के साथ होलाष्टक समाप्त होता है और मुहूर्त-पंचांग फिर खुलता है — इंजन-गणित वसंत की विवाह तिथियाँ देखें।
वसंत की विवाह तिथियाँ और स्टोरी देखिए