Kundli.me · पंचांग

31 अक्टूबर 2026

शनिवार · दिल्ली

पाँच अंग, शुभ और सावधानी के समय — दिल्ली (भारतीय समय) के अनुसार 👉

पंचांग के पाँच अंग · 1

वार — शनिवार
तिथि — कृष्ण षष्ठी — शाम 4:57 तक, फिर सप्तमी
नक्षत्र — आर्द्रा — सुबह 7:12 तक, फिर पुनर्वसु

सूर्योदय (सुबह 6:32) के समय जो तिथि चल रही हो, वही पूरे दिन की तिथि मानी जाती है।

दिल्ली · 31 अक्टूबर 2026

पंचांग के पाँच अंग · 2

योग — सिद्ध — शाम 5:31 तक, फिर साध्य
करण — वणिज — शाम 4:57 तक, फिर विष्टि (भद्रा)

योग सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति से बनता है, और करण तिथि का आधा भाग होता है।

दिल्ली · 31 अक्टूबर 2026

शुभ समय · परंपरा के अनुसार

अभिजित मुहूर्त

सुबह 11:42 – दोपहर 12:26

परंपरा में दिन के बीच का यह समय किसी काम की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।

दिल्ली · सूर्योदय सुबह 6:32 · सूर्यास्त शाम 5:37

सावधानी के समय · परंपरा के अनुसार

राहु काल — सुबह 9:18 – 10:41
यमगंड — दोपहर 1:27 – 2:51
गुलिक काल — सुबह 6:32 – 7:55
भद्रा — शाम 4:57 से 1 नवंबर रात 3:52 तक

परंपरा में इन समयों में नया या शुभ काम शुरू करने से बचा जाता है; यह नियम शुरुआत पर लागू होता है, रोज़मर्रा के चलते कामों पर नहीं।

दिल्ली के अनुसार

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31 अक्टूबर का पूरा पंचांग

यही दिन, दिल्ली के लिए — और वहीं अपना शहर चुनकर उसका सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त देखिए।

31 अक्टूबर का पंचांग

समय दिल्ली (भारतीय समय) के हैं; दूसरे शहरों में कुछ मिनट अलग होंगे। शुभ-अशुभ समय पारंपरिक मान्यताएँ हैं।

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