ज्योतिष 30 सेकंड में
4 सवाल, पूरे जवाब
सवाल 1/4
नवांश कुंडली किसलिए देखी जाती है?
नवांश (D9) मुख्यतः विवाह व जीवनसाथी, व्यक्ति के धर्म व आंतरिक स्वभाव, और जन्म कुंडली के वादों की स्थायित्व के लिए देखी जाती है। इसे कुंडली के पीछे की कुंडली माना जाता है — यह जाँचती है कि D1 के संकेत टिकते हैं या नहीं।
सवाल 2/4
वर्गोत्तम का क्या अर्थ है?
कोई ग्रह वर्गोत्तम तब होता है जब वह जन्म कुंडली (D1) और नवांश (D9) दोनों में एक ही राशि में हो। ऐसा ग्रह विशेष रूप से बलवान व विश्वसनीय माना जाता है और अपने फल स्थिरता से देता है।
सवाल 3/4
नवांश कैसे बनती है?
हर 30° की राशि नौ बराबर भागों में बँटती है, हर भाग 3°20′ का, जिसे नवांश कहते हैं। पूरे राशिचक्र में 108 नवांश होते हैं — नक्षत्र के पाद जितने चौड़े। हर भाग एक नियत नियम से किसी पूर्ण राशि पर मैप होता है, और उन्हीं से एक अलग बारह-भाव कुंडली बनती है।
सवाल 4/4
क्या नवांश जन्म कुंडली से अधिक महत्वपूर्ण है?
कोई एक दूसरे की जगह नहीं लेता। जन्म कुंडली (D1) वादा दिखाती है और नवांश उसका बल व पकना — विशेषकर विवाह व धर्म के लिए। एक अच्छा विश्लेषण सदा दोनों को साथ तोलता है।
नवांश (D9 कुंडली)
पूरी व्याख्या और सभी 4 सवाल-जवाब, विस्तार से।
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