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शरद पूर्णिमा

जिस रात चाँद अमृत बरसाता है — चाँदनी में खीर।

25 अक्टूबर 2026 · 9 दिन बाकी 👉

कब है?

25 अक्टूबर 2026

रविवार

9 दिन बाकी

तिथि पंचांग से तय होती है; किसी तिथि के घटने-बढ़ने से कुछ स्थानों पर पर्व एक दिन आगे-पीछे मनाया जा सकता है।

क्यों मनाते हैं

पूर्णिमा हर महीने आती है; परंपरा ने शरद पूर्णिमा को अलग चुना है। यह आश्विन मास का समापन है — वर्षा से शरद ऋतु के मोड़ पर — जब हवा पहली बार स्वच्छ और शीतल होती है और बादलों से मुक्त चंद्रमा सबसे निकट और सबसे उज्ज्वल दिखता है।

देश भर में

• बंगाल — कोजागरी लोक्खी पूजो: वर्ष की प्रमुख गृह-लक्ष्मी पूजा — अल्पना, अंकित लक्ष्मी-पद, नारू-मोआ मिठाइयाँ, और सोद्देश्य जागरण।
• गुजरात — शरद पूनम: खुले चाँद तले गरबा नवरात्रि की ऊर्जा को पूर्णिमा की रात तक ले आता है; दूध-पौआ इस रात का व्यंजन है।

परंपराएँ घर-घर और क्षेत्र-क्षेत्र में अलग हैं; ये प्रमुख रूप हैं, सब जगह का नियम नहीं।

अक्सर पूछा जाता है

खीर चाँदनी में क्यों रखी जाती है?

मान्यता: सोलह कलाओं का चंद्रमा आज अमृत बरसाता है, और खीर उसे ग्रहण करती है। आयुर्वेदिक दृष्टि: शरद के चंद्रमा तले ठंडी हुई दूध-चावल की शीतल खीर ऋतु के पित्त को शांत करती है। दोनों का फल एक ही — सुबह का प्रसाद।

शरद पूर्णिमा

मुख्य बातें

तिथि — आश्विन पूर्णिमा
अन्य नाम — कोजागरी पूर्णिमा, रास पूर्णिमा, कौमुदी पूर्णिमा
बंगाल में — कोजागरी लक्ष्मी पूजा — जागरण की रात
पूरी जानकारी पढ़ें

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कुंडली में चंद्रमा मन का कारक है। आज का चंद्रोदय, नक्षत्र और पूर्णिमा विवरण लाइव पंचांग पर देखें — और गुरु से जानें कि बलवान या पीड़ित चंद्रमा आपके लिए क्या अर्थ रखता है।

शरद पूर्णिमा के दिन का पंचांग और स्टोरी देखिए