Kundli.me · पर्व

धनतेरस

दिवाली का शुभारंभ — धन और समृद्धि का दिन।

6 नवंबर 2026 · 21 दिन बाकी 👉

कब है?

6 नवंबर 2026

शुक्रवार

21 दिन बाकी

तिथि पंचांग से तय होती है; किसी तिथि के घटने-बढ़ने से कुछ स्थानों पर पर्व एक दिन आगे-पीछे मनाया जा सकता है।

क्यों मनाते हैं

धनतेरस — पूरा नाम धनत्रयोदशी — कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और दीपोत्सव के पाँच दिनों में पहला दिन है।

कथा और मान्यता

कथा समुद्र मंथन से आती है — क्षीरसागर के मंथन से क्रमशः चौदह रत्न निकले; अंत के निकट भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए, देवताओं के वैद्य, हाथों में अमृत-कलश लिए।

कथा और मान्यता · आगे

उसी मंथन से माँ लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ, कथा के क्रम में दो दिन बाद — यही कारण है कि धन्वंतरि का स्मरण-दिवस लक्ष्मी पूजन की रात्रि से ठीक दो दिन पहले पड़ता है। पहले आरोग्य, फिर धन: यही क्रम इस पर्व का पूरा तर्क है।

मुख्य अनुष्ठान

• घर और पूजा-स्थल की सफ़ाई
• चौकी सजाना
• क्रय की गई वस्तु रखना
• दीप प्रज्वलन और आरंभ
• धन्वंतरि और कुबेर पूजन

धनतेरस का पूजन संध्या का पूजन है।

देश भर में

• गुजरात और राजस्थान — व्यापारिक वर्ष का सबसे बड़ा क्रय-दिवस।
• उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा — यमदीप, नई झाड़ू, चाँदी के सिक्के और बर्तन, तथा मुँडेर पर दीपों की पहली पंक्ति।
• दक्षिण भारत — यह दिन अपेक्षाकृत शांति से मनाया जाता है।

परंपराएँ घर-घर और क्षेत्र-क्षेत्र में अलग हैं; ये प्रमुख रूप हैं, सब जगह का नियम नहीं।

अक्सर पूछा जाता है

धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए?

परंपरा से धातु — चाँदी, स्वर्ण, पीतल या ताँबा — जिस भी रूप में आपके बजट में आए: सिक्का, लोटा, रसोई के नए बर्तन, या आभूषण। नई झाड़ू और धनिया के बीज भी उतने ही परंपरागत हैं और लगभग निःशुल्क।

अक्सर पूछा जाता है · जवाब आगे

इनमें कुछ अनिवार्य नहीं और कोई न्यूनतम नहीं: परंपरा यह है कि कुछ घर में आए, यह नहीं कि कुछ महँगा आए।

धनतेरस

मुख्य बातें

तिथि — कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी
आराध्य — धन्वंतरि, लक्ष्मी, कुबेर — तथा दीपदान के लिए यमराज
पूरी जानकारी पढ़ें

Kundli.me

अपनी मुफ़्त कुंडली में धन योग — धन के शास्त्रीय योग — देखें।

मेरी कुंडली में धन योग और स्टोरी देखिए