Kundli.me · पर्व
दिवाली का शुभारंभ — धन और समृद्धि का दिन।
कब है?
शुक्रवार
21 दिन बाकी
तिथि पंचांग से तय होती है; किसी तिथि के घटने-बढ़ने से कुछ स्थानों पर पर्व एक दिन आगे-पीछे मनाया जा सकता है।
क्यों मनाते हैं
धनतेरस — पूरा नाम धनत्रयोदशी — कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और दीपोत्सव के पाँच दिनों में पहला दिन है।
कथा और मान्यता
कथा समुद्र मंथन से आती है — क्षीरसागर के मंथन से क्रमशः चौदह रत्न निकले; अंत के निकट भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए, देवताओं के वैद्य, हाथों में अमृत-कलश लिए।
कथा और मान्यता · आगे
उसी मंथन से माँ लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ, कथा के क्रम में दो दिन बाद — यही कारण है कि धन्वंतरि का स्मरण-दिवस लक्ष्मी पूजन की रात्रि से ठीक दो दिन पहले पड़ता है। पहले आरोग्य, फिर धन: यही क्रम इस पर्व का पूरा तर्क है।
मुख्य अनुष्ठान
धनतेरस का पूजन संध्या का पूजन है।
देश भर में
परंपराएँ घर-घर और क्षेत्र-क्षेत्र में अलग हैं; ये प्रमुख रूप हैं, सब जगह का नियम नहीं।
अक्सर पूछा जाता है
धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए?
परंपरा से धातु — चाँदी, स्वर्ण, पीतल या ताँबा — जिस भी रूप में आपके बजट में आए: सिक्का, लोटा, रसोई के नए बर्तन, या आभूषण। नई झाड़ू और धनिया के बीज भी उतने ही परंपरागत हैं और लगभग निःशुल्क।
अक्सर पूछा जाता है · जवाब आगे
इनमें कुछ अनिवार्य नहीं और कोई न्यूनतम नहीं: परंपरा यह है कि कुछ घर में आए, यह नहीं कि कुछ महँगा आए।
धनतेरस
Kundli.me
अपनी मुफ़्त कुंडली में धन योग — धन के शास्त्रीय योग — देखें।
मेरी कुंडली में धन योग और स्टोरी देखिए